शुक्रवार, ८ सप्टेंबर, २०१७

प्रेरित करने वाले कुछ अच्छे विचार


प्रेरित करने वाले कुछ अच्छे विचार / Inspirational Hindi Quotes on Success Life –

जीवन में सफलता पाने के लिए कुछ अच्छे अच्छे विचार जो हमारी सोच और नजरिये को बदल दे, तो आईये पढ़ते है कुछ Motivational Quotes / Thoughts in Hindi –


”दुनिया में सब एक सामान आते है लेकिन दुनिया वाले उसी को याद रखते है जो अपने अच्छे कर्मो से महान होते है”
”पाने की अगर इच्छा  रखते है तो कोशिश भी हमे ही करना होता है”
”विश्वास वह शक्ति है जो हमे कठिन से कठिन परिस्थितियों में निकलने में सहायक होती है”
”दुसरो पर अपनी गलतियों का दोष देना ही सबसे बड़ी कमजोरी है जो आगे बढ़ने से रोकती है”
”हम क्या थे क्या है और क्या हो गए ये हमारे किये गए कर्मो की देन होती है”
”सफलता पाने के लिए आसान रास्ता ढूढना एक तरह से खुद के समय व्यर्थ करने के बराबर है”
Anmol Vachan
”इस दुनिया में अगर कुछ भी सोचना सम्भव है तो उसे पूरा कर पाना भी हमारी दृढ़ निश्चय पर निर्भर करती है”
”दुःख हर इंसान के जीवन में कभी न कभी जरूर आती है और दुःख के हिम्मत की असली परीक्षा होती है”
”आत्मविश्वास इंसान की सबसे बड़ी ताकत है इसके बल पर वह कुछ भी हासिल कर सकता है”
”असफलता से निराश होकर अपने उद्देश्य से पीछे हट जाना एक तरह से अपने उद्देश्य से मुह मोड़ लेने के बराबर है”
”समय सबको एक सामान मिलता है महान लोग इन समय का सदुपयोग करते है और आम इंसान इसे यु ही खर्च करने में बिता देते है”
”अगर हम एक बार अपने उद्देश्य से पीछे हट जाते है तो उसे फिर से पाने में एकदम शून्य से शुरुआत करना होता है यानी अनवरत प्रयाश ही सफलता की निशानी है”
”सफलता के मार्ग में असफलता मिलनी निश्चित है तो असफलता के डर से सफलता के लिए प्रयाश छोड़ देना एक तरह से हमारी कमजोरी को दर्शाता है”

मंगळवार, ५ सप्टेंबर, २०१७

गुरु पर अनमोल वचन

Teacher quotes
Teacher quotes in Hindi

Teacher quotes in Hindi
Teacher quotes in Hindi
गुरु पर अनमोल वचन



Quote1 in Hindi:

आत्मनो गुरुः आत्मैव पुरुषस्य विशेषतः |

यत प्रत्यक्षानुमानाभ्याम श्रेयसवनुबिन्दते ||

( आप ही स्वयं अपने गुरू हैं | क्योंकि प्रत्यक्ष और अनुमान के द्वारा पुरुष जान लेता है कि अधिक उपयुक्त क्या है | )

Quote2 in Hindi:

It takes a big heart to help shape little minds

छोटे दिमागों को आकार देने में एक बड़े दिल की ज़रुरत पड़ती है.

Quote3 in Hindi:

If You can read this, than thank a teacher – American proverb

अगर आप यह पढ़ सकते हैं तो इसके लिए एक शिक्षक की धन्यवाद दीजिये! –अमेरिकन कहावत

Quote4 in Hindi:

The Best teachers teach from the heart, not from the book.

बेहतरीन शिक्षक दिल से पढातें हैं किताबों से नहीं.

Quote5 in Hindi:

2 Teach is 2 Touch Lives 4 ever

शिक्षा देना, हमेशा के लिए किसी की ज़िन्दगी को बदल देना है.

Quote6 in Hindi:

Teaching is the one profession that creates all other professions- unknown

पढ़ाने का पेशा एक एसा पेशा है जो बाकि सब व्यवसायों को जन्म देता है.

Quote7 in Hindi:

A teacher affects eternity; he can never tell where his influence stops. Henry Adams

एक गुरु अनंत काल तक को प्रभावित करता है, वह यह नहीं कह सकता की उसका प्रभाव कहाँ जाकर ख़त्म होगा – हेनरी एडम्स

Quote8 in Hindi:

Teachers change the world one child at a time.

शिक्षक दुनिया को बदल देतें हैं, एक बार में एक बच्चे की ज़िन्दगी को बेहतर बनाकर.

Quote9 in Hindi:

I am not a teacher but a awakener – Robert frost

में एक शिक्षक नहीं हूँ में तो लोगो को जगाने वाला हूँ – रोबर्ट फ्रॉस्ट

Quote10 in Hindi:

Those who educate children well are more to be honored than they who produce them. Aristotle

बच्चों को जो शिक्षा देतें हैं वह उन लोगो की तुलना में ज्यादा सम्मान के पात्र हैं जिन्होंने उन्हें जन्म दिया है. अरस्तु

Quote11 in Hindi:

A teacher is never a giver of truth; he is a guide, a pointer to the truth that each student must find for himself. Bruce lee

एक गुरु सत्य को देने वाला नहीं होता, वह तो एक पथप्रदर्शक होता है, सत्य की तरफ राह बताने वाला, हर शिष्य को सत्य खुद खोजना चाहिए.

Quote12 in Hindi:

Better than a thousand days of diligent study is one day with a great teacher- Japanese proverb.

एक महान गुरु के साथ बिताया एक दिन बेहतर है एक हज़ार दिन के मेहनत भरे अध्यन से – जापानी कहावत

Quote13 in Hindi:

The art of teaching is the art of assisting discovery –Mark van doren

शिक्षा देने की कला वास्तव में खोज में सहायता करने की कला है – मार्क वेन डोरें
Teacher Shayari (गुरू शायरी)
Teacher Shayari (गुरू  शायरी)

गुरु ब्रह्मा, गुरु विष्णु गुरु देवो महेश्वर
गुरु साक्षात् परमं ब्रह्मा तस्मै श्री गुरुवे नम:

Teachers Day

सत्य का पाठ जो पढ़ाएँ वही सच्चा गुरू कहलाये,
जो ज्ञान से जीवन को आसन बनाये वही सच्चा गुरू कहलाये.

Happy Teachers Day in Hindi

गुरू के बिना ज्ञान कहाँ, ज्ञान बिना मान कहाँ,
गुरु ने दी शिक्षा जहाँ, सुख की सुख हैं वहाँ.

जिसे देता हैं हर व्यक्ति सम्मान, जो करता हैं वीरों का निर्माण,
जो बनाता हैं इंसान को इंसान, ऐसे गुरु को हम करते हैं प्रणाम.

अज्ञान को मिटा कर, ज्ञान का दीपक जलाया हैं,
गुरू कृपा से मैने ये अनमोल शिक्षा पाया हैं.

बन्द हो जाएँ सब दरवाजे, नया रास्ता दिखाते हैं गुरु,
सिर्फ किताबी ज्ञान नही, जीवन जीना सिखाते हैं गुरू.

गुरू गोविन्द दोउ खड़े, काके लागू पाव,
बलिहारी गुरू आपने, गोविन्द दियो बताय.

लक्ष्य प्राप्त कर सकू, आपने मुझे इस योग्य बनाया,
जब महसूस किया मैंने हारा,
आपका दिया ज्ञान बहुत काम आया… गुरु को मेरा नमन.

गुरू में वो शक्ति हैं जो कुछ भी कर सकती हैं,
ज्ञान ही हैं जो बाटने पर बढ़ती हैं.
    अज्ञानता को दूर करके ज्ञान की ज्योत जलाई है,
    गुरुवर के चरणों में रहकर हमने शिक्षा पाई है,
    गलत राह पर भटके जब हम,
    तो गुरुवर ने राह दिखाई है.

    गुरू बिना ज्ञान कहाँ,
    उसके ज्ञान का आदि न अंत यहाँ।
    गुरू ने दी शिक्षा जहाँ,
    उठी शिष्टाचार की मूरत वहाँ।

    टीचर टीचर, आज ना कुछ कहना हमको,
    आज हम खुब मौज उडाऐंगे,
    साल भर तो आपकी हमने सुनी,
    आज हम बाते आपको अपनी बताऐंगे ।
    ही क्या है ? गलत क्या है ? ये सबक पढ़ाते हैं आप,
    झूठ क्या है ? सच क्या है ? ये बात समझाते हैं आप,
    जब सूझता नहीं कुछ भी ,राहों को सरल बनाते हैं आप।

    गुरूदेव के श्रीचरणों में
    श्रद्धा सुमन संग वंदन
    जिनके कृपा नीर से
    जीवन हुआ चंदन
    धरती कहती, अंबर कहते
    कहती यही तराना
    गुरू आप ही वो पावन नूर हैं
    जिनसे रौशन हुआ जमाना

    हमारा मार्गदर्शक बनने,
    हमें प्रेरित करने और
    हमें वो बनाने के लिए
    जो कि हम आज हैं,
    हे शिक्षक आपका धन्यवाद.

    गुमनामी के अंधेरे में था
    पहचान बना दिया
    दुनिया के गम से मुझे
    अनजान बना दिया
    उनकी ऐसी कृपा हुई
    गुरू ने मुझे एक अच्छा
    इंसान बना दिया

    ले गए आप इस स्कूल को उस मुकाम पर ,
    गर्व से उठते हैं हमारे सर , हम रहे ना रहे कल ,
    याद आएंगे आपके साथ बिताये हुए पल ,
    हमे आपकी जरुरत रहेगी हर पल।

    गुरु का महत्व कभी होगा ना कम,
    भले कर ले कितनी भी उन्नति हम,
    वैसे तो है इंटरनेट पे हर प्रकार का ज्ञान,
    पर अच्छे बुरे की नहीं है उसे पहचान…

    तुमने सिखाया ऊँगली पकड़ कर चलना,
    तुमने सिखाया कैसे गिरने के बाद सम्भलना,
    तुम्हारी वजह से आज हम पहुंचे है आज इस मुकाम पे,
    आज शिक्षक दिवस के दिन करते है आभार सलाम से

रविवार, ३ सप्टेंबर, २०१७

जीवन बदलनेवले अनमोल वचन

महात्मा फुले यांचे शिक्षणविषयक विचार

महात्मा फुले यांचे शिक्षणविषयक विचार


शिक्षण व अभ्‍यासक्रमातून प्रकट होणारा फूले शाहू आंबेडकरी विचार
आपल्या शिक्षणातून आणि तसेच्या अभ्यासक्रमातून महात्मा फुले, राजर्षी शाहू महाराज व डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर यांचे विचार प्रचारित व प्रसारित होत असतात. या थोर महापुरुषांचे सामजिक, राजकीय आणि सांस्कृतिक स्वरूपातील विचार आपल्याला प्रेरित व प्रोत्साहित करीत असतात. त्याचे विचार २१ व्या शतकात आपल्या विदयार्थी वर्गाला नव्याने देणे आवश्यक आहे.
शिक्षण हा जीवनाचा आधार आहे. शिक्षणापासून आपण आपणास वेगळे करू शकत नाही. प्रत्येक व्यक्ती हा शिक्षण देणारा एक महत्वपूर्ण ग्रंथ आहे. केवळ त्याच्याकडून आपण काय घ्यावे हे आपणास कळायला पाहिजे. शिक्षण ही जीवन जगण्याची गुरुकिल्ली आहे. जीवन म्हणजे काय? जीवन का जगावे, जीवन कसे जगावे, जीवनाची सार्थकता कशामध्ये आहे, जीवन पूर्ण कसे करावे. आपण जीवनातून काय घ्यावे व इतरांना काय दयावे. या सर्व प्रश्नांची उत्तरे म्हणजे शिक्षण होय. म्हणूनच
'शिक्षणानेच सर्व काही होत आहे, त्याकरिता आधी शिक्षण घेतलेच पाहिजे'
जीवन शिक्षण ही काळाची गरज बनली आहे आणि आपल्या सर्व थोर शिक्षणतज्ज्ञांनी, विचारवंतांनी, समाजसुधारकांनी जीवन शिक्षणाची धुरा सांभाळली आहे आणि सर्वांना जगण्याची एक दशा आणि दिशा देण्याची महत्वपूर्ण कामगिरी बजावली आहे. २१व्या शतकामध्ये शिक्षण घेणारा समुदाय मोठ्या प्रमाणात वाढला आहे. पण त्यातून जीवनविषयक शिक्षण मिळत आहे काय? हा प्रश्न अनुत्तरीतच आहे. तेव्हा आपल्या शिक्षणतज्ज्ञांचे आजच्या
शिक्षणातून व अभ्यासक्रमातून प्रकट होणारे विचार निश्चितच येणा-या भविष्यकालीन समस्यांचे निराकरण व उत्तम जीवन जगण्यासाठी दिशादर्शक ठरतील. यामध्ये प्रामुख्याने महात्मा फुले, राजर्षी शाहू आणि डॉ. बाबासाहेब आंबेडकरांचे विचार मार्गदर्शनपर आहेत. शिक्षण आणि अभ्यासक्रमामध्ये जे विचार आहेत. ते याच थोरांचे आहेत.
महात्मा ज्योतिबा फुले यांचे शिक्षण व अभ्यासक्रमातून प्रकट होणारे विचार - स्वातंत्र्य, समता आणि बंधुभाव या त्रयीवर नितांत भरवसा ठेवणारे आणि सामाजिक विषमतेच्या विरोधात आवाज उठविणारे म. फुले हे महापुरुष होते. त्यांना महाराष्ट्राचे मार्टिन ल्यूथर म्हणून ओळखले जाते. ते मानवतावादी विचाराचे होते. त्यांनी मेकॉलेच्या खलित्यास कडाडून विरोध 'शिक्षण हे वरच्या वर्गापासून खालच्या वर्गापर्यंत पाझरत आले पाहिजे' या विचारास फुलेंचा विरोध होता कारण इंग्रजाचा भर प्रथम वरचा वर्ग शिकला पाहिजे व नंतर खालचा वर्ग शिकावा यावर होता. 'प्रथम खालच्या वर्गातील लोकांना शिक्षण देऊन नंतर वरच्या वर्गातील लोकांना शिक्षण दयावे 'आधी कळस मग पाया असे न होता, आधी पाया मग कळस’ अशा पद्धतीने शिक्षणप्रणाली असण्यावर म. फुलेंचा आग्रह होता. प्रथम उपेक्षितांना शिक्षण नंतर अपेक्षितांना शिक्षण’ हे सूत्र अंमलात आणावे, यावर भर देण्यात आला.
महात्मा फुलेंचे शिक्षण विषयक विचार
→ स्त्री शिक्षणाचा पाठपुरावा
→ प्राथमिक शिक्षण सक्तीचे व मोफत
→ प्रशिक्षित शिक्षकाची तरतूद करणे
→ प्राथमिक शिक्षणाकडे लक्ष देणे
→ ग्रामीण भागातील मुलामुलींचे शिक्षण
→ राष्ट्रनिर्माणासाठी शुद्रांना शिक्षण
→ शिक्षण प्रणालीत आमूलाग्र बदल विचार
→ व्यावसायिक व तांत्रिक शिक्षण
→ त्रिभाषा सूत्राचा अवलंब
→ शिष्यवृत्ती व वसतिगृहाची सुविधा
→ शिक्षणविषयक ज्ञान व विचार
स्त्री-शिक्षणाचा पाठपुरावा - पूर्वीच्या काळामध्ये या परिस्थितीत स्त्रियांनी शिक्षण घेणे. म्हणजे अधर्मच करणे होय. त्यामुळे स्त्रियांसाठी शिक्षणाची दारे कायमची उघडली जावी, म्हणून म. फुलेंनी स्त्री-शिक्षण मोहीम सर्वप्रथम हाती घेतली. शिक्षण हे समर्थ स्त्री म्हणून जगण्यासाठी दिले जावे. स्त्रियांचा खरा धर्म त्यांना शिक्षण देणे होय. स्त्रियांच्या मानसिकतेसाठी व सक्षम स्त्री घडवण्यासाठी शिक्षणाशिवाय पर्याय नाही. हे ओळखून म. फुलेंनी आपल्या पत्नीस शिक्षण देऊन आदय शिक्षिका म्हणून कार्यास सुरुवात केली आणि स्त्री-शिक्षण मोहमेस सुरुवात केली.
प्राथमिक शिक्षण सक्तीचे व मोफत - प्राथमिक शिक्षण हा प्रत्येक बालकाचा हक्क आहे आणि त्यामुळे हे शिक्षण मिळणे आवश्यक आहे. तसेच म. फुले प्राथमिक शिक्षण सक्तीचे आणि मोफत असावे या विचारांचा पुरस्कार करणारे प्रथम भारतीय नागरिक होते. ही मागणी त्यांनी १९ ऑक्टोबर १८८२ मध्ये हंटर शिक्षण आयोगापुढे एका शिक्षणावर अधिक भर देईल तर नीतीच्या आणि सद्वर्तनाच्या दृष्टीने कितीतरी चांगले लोक शिकून तयार होताना मुळीच अडचण पडणार नाही. या विचारातून त्यांनी प्राथमिक शिक्षण सक्तीचे आणि मोफत करण्यावर भर दिला. प्राथमिक शिक्षकांची तरतूद करणे - प्राथमिक शिक्षणास मोफत व सक्तीचे केल्यास विदयार्थ्यांच्या संख्येत मोठ्या प्रमाणात वाढ होण्याची शक्यता होती आणि त्याकरिता दर्जेदार शिक्षण देण्यासाठी प्रशिक्षित शिक्षक असणे देखील आवश्यक आहे आणि त्याकरिता प्रथम आवाज उठविणारे म. फुले हे एकमेव व्यक्ती होते. प्राथमिक शिक्षण हा जीवनाचा पाया आहे. त्यामुळे या स्तरावरील शिक्षण उत्तम दर्जाचे असावे. यावर अधिक भर देण्यात आला.
प्राथमिक शिक्षणाकडे लक्ष देणे - सरकारी नोक-यांमध्ये सर्व वरिष्ठ वर्गाची मक्तेदारी आहे, असे दिसून आल्यावर शिक्षण खालच्या वर्गातील तळागाळातील लोकांना मिळावे. यासाठी म.फुले यांनी प्राथमिक शिक्षण खालच्या वर्गास देण्यावर अधिक भर दिला. उच्च शिक्षणाकडे कमी व ग्रामीण जनतेच्या प्राथमिक शिक्षणाकडे जास्त लक्ष देणे आवश्यक आहे. प्राथमिक शिक्षणातून उद्याची भावी पिढी घडत असते आणि आज जे प्राथमिक शिक्षण सक्तीचे व मोफत करण्यात आले आहे. त्यामागे म. फुलेंचे विचार, असलेले दिसून येतात. आपल्या देशामध्ये आजची परिस्थिती लक्षात घेता कमी शिकलेले अध्यापक व अनुभव कमी असलेले शिक्षक प्राथमिक स्तरावर अध्यापन करताना दिसतात आणि अधिक अनुभवी व विषयतज्ज्ञ अध्यापक वर्ग वरच्या वर्गास अर्थात उच्च स्तर अध्यापन करतात. तेव्हा वेळोवेळी प्राथमिक शिक्षण अधिक दर्जेदार व गुणवत्तापूर्ण देणे ही काळाजी गरज बनली आहे आणि त्या दृष्टीकोनातून विचार म. फुलेंनी व्यक्त केले.
ग्रामीण भागातील मुलामुलींचे शिक्षण - बहुजन समाज ग्रामीण भागामध्ये राहत असल्याने, त्यांच्या शिक्षणाची म. फुले यांना अधिक काळजी वाटत असे. २ मार्च १८८८ मध्ये म. फुले म्हणाले होते की आपली बहुतांश जनता खेड्यात निवास करते. तेव्हा शासनाने ग्रामीण लोकांच्या शिक्षणाकडे विशेष लक्ष पुरवावे. राष्ट्रनिर्माणासाठी शुद्रांना शिक्षण - आपल्या देशात बहुजन समाज अजाण व अडाणी आहे. त्यांच्या उद्धारासाठी. शिक्षण हा एकमेव उपाय आहे. शुद्रांना शिक्षण देऊन सुशिक्षित केल्याशिवाय राष्ट्र बनू शकत नाही. ज्या देशात सामाजिक आणि आर्थिक गुलामी असते तेथे राष्ट्रवाद निर्माण होऊ शकत नाही. शिक्षणाची दारे सर्वांसाठी खुली झाली पाहिजे. यावर अधिक भर होता.
शिक्षण प्रणालीत आमूलाग्र बदल - म. फुले यांच्या मते आजची शिक्षण पद्धती ही बहुजन समाजाला शिक्षणपासून वंचित करणारी होती. तेव्हा शिक्षणप्रणाली बदलली पाहिजे यावर अधिक भर दिला गेला. केवळ कारकून वर्ग तयार करणा-या वर्गाची निर्मिती शिक्षणातून होऊ नये, तर मानवी जीवन जगण्यास सक्षम बनवणारे, उदद्योगी, जीवनोपयोगी शिक्षण देण्यात यावे.
त्रिभाषा सूत्राचा अवलंब - (१९६४-६६) च्या कोठारी आयोगाने त्रिभाषा सूत्रास जरी आजच्या कालावधीत मान्यता दिलेली असली तरी या अगोदर ७७ वर्षांपूर्वी म. फुले यांनी त्रिभाषा सूत्राचा अवलंब शिक्षणात करावा यावर भर दिला होता.
शिष्यवृत्ती व वसतिगृहाची सुविधा - जनसामान्यामध्ये शिक्षणाचा प्रसार व्हावा ह्यासाठी खेड्यापाड्यातील जनतेला शिक्षण घेता यावे म्हणून वसतिगृहाची व्यवस्था करण्याची कल्पना म. फुले यांनी मांडली आणि गरीब, होतकरू मुलांसाठी शिष्यवृत्ती व वसतिगृहाची सुविधा देण्यावर भर दिला.
शिक्षणाविषयक ज्ञान व विचार - शिक्षण हा तिसरा डोळाच मानले जाते आणि त्यामुळेच म. फुले यांनी शिक्षणावर अधिक प्रकाश टाकला आहे आणि शिक्षण कोणत्याही एका व्यक्तीची मक्तेदारी न बनता, सर्वांना शिक्षण मिळावे, शिक्षणाचा प्रसार होऊन, ज्ञान व विचारांची वृद्धी व्हावी यासाठी म. फुलेंनी योगदान दिले. म. फुले यांनी सत्यशोधक समाजाची स्थापना करून स्त्रियांसाठी तसेच मागासलेल्या अनाथाच्या शिक्षणासाठी सुविधा उपलब्ध करून दिल्या. तसेच बालगृहाची स्थापना देखील केली. अशाप्रकारे म. फुले यांनी समाज परिवर्तनाचे कार्य करताना स्वत:च्या घरदाराचाही विचार न करता काम केले आणि म्हणून आज आपला समाज मानाने सर्व प्रकारचे शिक्षण घेत आहे. अशा शिक्षणतज्ज्ञाला, शिक्षणमहर्षीच्या कार्याला कोटी-कोटी वंदन.

शिक्षण व अभ्‍यासक्रमातून प्रकट होणारा फूले शाहू आंबेडकरी विचार प्रा. वैशाली शा कंकाळे, अकोला
आपल्या शिक्षणातून आणि तसेच्या अभ्यासक्रमातून महात्मा फुले, राजर्षी शाहू महाराज व डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर यांचे विचार प्रचारित व प्रसारित होत असतात. या थोर महापुरुषांचे सामजिक, राजकीय आणि सांस्कृतिक स्वरूपातील विचार आपल्याला प्रेरित व प्रोत्साहित करीत असतात. त्याचे विचार २१ व्या शतकात आपल्या विदयार्थी वर्गाला नव्याने देणे आवश्यक आहे.
शिक्षण हा जीवनाचा आधार आहे. शिक्षणापासून आपण आपणास वेगळे करू शकत नाही. प्रत्येक व्यक्ती हा शिक्षण देणारा एक महत्वपूर्ण ग्रंथ आहे. केवळ त्याच्याकडून आपण काय घ्यावे हे आपणास कळायला पाहिजे. शिक्षण ही जीवन जगण्याची गुरुकिल्ली आहे. जीवन म्हणजे काय? जीवन का जगावे, जीवन कसे जगावे, जीवनाची सार्थकता कशामध्ये आहे, जीवन पूर्ण कसे करावे. आपण जीवनातून काय घ्यावे व इतरांना काय दयावे. या सर्व प्रश्नांची उत्तरे म्हणजे शिक्षण होय. म्हणूनच'शिक्षणानेच सर्व काही होत आहे, त्याकरिता आधी शिक्षण घेतलेच पाहिजे'
जीवन शिक्षण ही काळाची गरज बनली आहे आणि आपल्या सर्व थोर शिक्षणतज्ज्ञांनी, विचारवंतांनी, समाजसुधारकांनी जीवन शिक्षणाची धुरा सांभाळली आहे आणि सर्वांना जगण्याची एक दशा आणि दिशा देण्याची महत्वपूर्ण कामगिरी बजावली आहे. २१व्या शतकामध्ये शिक्षण घेणारा समुदाय मोठ्या प्रमाणात वाढला आहे. पण त्यातून जीवनविषयक शिक्षण मिळत आहे काय? हा प्रश्न अनुत्तरीतच आहे. तेव्हा आपल्या शिक्षणतज्ज्ञांचे आजच्याशिक्षणातून व अभ्यासक्रमातून प्रकट होणारे विचार निश्चितच येणा-या भविष्यकालीन समस्यांचे निराकरण व उत्तम जीवन जगण्यासाठी दिशादर्शक ठरतील. यामध्ये प्रामुख्याने महात्मा फुले, राजर्षी शाहू आणि डॉ. बाबासाहेब आंबेडकरांचे विचार मार्गदर्शनपर आहेत. शिक्षण आणि अभ्यासक्रमामध्ये जे विचार आहेत. ते याच थोरांचे आहेत.
महात्मा ज्योतिबा फुले यांचे शिक्षण व अभ्यासक्रमातून प्रकट होणारे विचार - स्वातंत्र्य, समता आणि बंधुभाव या त्रयीवर नितांत भरवसा ठेवणारे आणि सामाजिक विषमतेच्या विरोधात आवाज उठविणारे म. फुले हे महापुरुष होते. त्यांना महाराष्ट्राचे मार्टिन ल्यूथर म्हणून ओळखले जाते. ते मानवतावादी विचाराचे होते. त्यांनी मेकॉलेच्या खलित्यास कडाडून विरोध 'शिक्षण हे वरच्या वर्गापासून खालच्या वर्गापर्यंत पाझरत आले पाहिजे' या विचारास फुलेंचा विरोध होता कारण इंग्रजाचा भर प्रथम वरचा वर्ग शिकला पाहिजे व नंतर खालचा वर्ग शिकावा यावर होता. 'प्रथम खालच्या वर्गातील लोकांना शिक्षण देऊन नंतर वरच्या वर्गातील लोकांना शिक्षण दयावे 'आधी कळस मग पाया असे न होता, आधी पाया मग कळस’ अशा पद्धतीने शिक्षणप्रणाली असण्यावर म. फुलेंचा आग्रह होता. प्रथम उपेक्षितांना शिक्षण नंतर अपेक्षितांना शिक्षण’ हे सूत्र अंमलात आणावे, यावर भर देण्यात आला.
महात्मा फुलेंचे शिक्षण विषयक विचार
→ स्त्री शिक्षणाचा पाठपुरावा → प्राथमिक शिक्षण सक्तीचे व मोफत → प्रशिक्षित शिक्षकाची तरतूद करणे → प्राथमिक शिक्षणाकडे लक्ष देणे → ग्रामीण भागातील मुलामुलींचे शिक्षण→ राष्ट्रनिर्माणासाठी शुद्रांना शिक्षण→ शिक्षण प्रणालीत आमूलाग्र बदल विचार → व्यावसायिक व तांत्रिक शिक्षण→ त्रिभाषा सूत्राचा अवलंब→ शिष्यवृत्ती व वसतिगृहाची सुविधा → शिक्षणविषयक ज्ञान व विचार

स्त्री-शिक्षणाचा पाठपुरावा - पूर्वीच्या काळामध्ये या परिस्थितीत स्त्रियांनी शिक्षण घेणे. म्हणजे अधर्मच करणे होय. त्यामुळे स्त्रियांसाठी शिक्षणाची दारे कायमची उघडली जावी, म्हणून म. फुलेंनी स्त्री-शिक्षण मोहीम सर्वप्रथम हाती घेतली. शिक्षण हे समर्थ स्त्री म्हणून जगण्यासाठी दिले जावे. स्त्रियांचा खरा धर्म त्यांना शिक्षण देणे होय. स्त्रियांच्या मानसिकतेसाठी व सक्षम स्त्री घडवण्यासाठी शिक्षणाशिवाय पर्याय नाही. हे ओळखून म. फुलेंनी आपल्या पत्नीस शिक्षण देऊन आदय शिक्षिका म्हणून कार्यास सुरुवात केली आणि स्त्री-शिक्षण मोहमेस सुरुवात केली.
प्राथमिक शिक्षण सक्तीचे व मोफत - प्राथमिक शिक्षण हा प्रत्येक बालकाचा हक्क आहे आणि त्यामुळे हे शिक्षण मिळणे आवश्यक आहे. तसेच म. फुले प्राथमिक शिक्षण सक्तीचे आणि मोफत असावे या विचारांचा पुरस्कार करणारे प्रथम भारतीय नागरिक होते. ही मागणी त्यांनी १९ ऑक्टोबर १८८२ मध्ये हंटर शिक्षण आयोगापुढे एका शिक्षणावर अधिक भर देईल तर नीतीच्या आणि सद्वर्तनाच्या दृष्टीने कितीतरी चांगले लोक शिकून तयार होताना मुळीच अडचण पडणार नाही. या विचारातून त्यांनी प्राथमिक शिक्षण सक्तीचे आणि मोफत करण्यावर भर दिला. प्राथमिक शिक्षकांची तरतूद करणे - प्राथमिक शिक्षणास मोफत व सक्तीचे केल्यास विदयार्थ्यांच्या संख्येत मोठ्या प्रमाणात वाढ होण्याची शक्यता होती आणि त्याकरिता दर्जेदार शिक्षण देण्यासाठी प्रशिक्षित शिक्षक असणे देखील आवश्यक आहे आणि त्याकरिता प्रथम आवाज उठविणारे म. फुले हे एकमेव व्यक्ती होते. प्राथमिक शिक्षण हा जीवनाचा पाया आहे. त्यामुळे या स्तरावरील शिक्षण उत्तम दर्जाचे असावे. यावर अधिक भर देण्यात आला.प्राथमिक शिक्षणाकडे लक्ष देणे - सरकारी नोक-यांमध्ये सर्व वरिष्ठ वर्गाची मक्तेदारी आहे, असे दिसून आल्यावर शिक्षण खालच्या वर्गातील तळागाळातील लोकांना मिळावे. यासाठी म.फुले यांनी प्राथमिक शिक्षण खालच्या वर्गास देण्यावर अधिक भर दिला. उच्च शिक्षणाकडे कमी व ग्रामीण जनतेच्या प्राथमिक शिक्षणाकडे जास्त लक्ष देणे आवश्यक आहे. प्राथमिक शिक्षणातून उद्याची भावी पिढी घडत असते आणि आज जे प्राथमिक शिक्षण सक्तीचे व मोफत करण्यात आले आहे. त्यामागे म. फुलेंचे विचार, असलेले दिसून येतात. आपल्या देशामध्ये आजची परिस्थिती लक्षात घेता कमी शिकलेले अध्यापक व अनुभव कमी असलेले शिक्षक प्राथमिक स्तरावर अध्यापन करताना दिसतात आणि अधिक अनुभवी व विषयतज्ज्ञ अध्यापक वर्ग वरच्या वर्गास अर्थात उच्च स्तर अध्यापन करतात. तेव्हा वेळोवेळी प्राथमिक शिक्षण अधिक दर्जेदार व गुणवत्तापूर्ण देणे ही काळाजी गरज बनली आहे आणि त्या दृष्टीकोनातून विचार म. फुलेंनी व्यक्त केले.
ग्रामीण भागातील मुलामुलींचे शिक्षण - बहुजन समाज ग्रामीण भागामध्ये राहत असल्याने, त्यांच्या शिक्षणाची म. फुले यांना अधिक काळजी वाटत असे. २ मार्च १८८८ मध्ये म. फुले म्हणाले होते की आपली बहुतांश जनता खेड्यात निवास करते. तेव्हा शासनाने ग्रामीण लोकांच्या शिक्षणाकडे विशेष लक्ष पुरवावे. राष्ट्रनिर्माणासाठी शुद्रांना शिक्षण - आपल्या देशात बहुजन समाज अजाण व अडाणी आहे. त्यांच्या उद्धारासाठी. शिक्षण हा एकमेव उपाय आहे. शुद्रांना शिक्षण देऊन सुशिक्षित केल्याशिवाय राष्ट्र बनू शकत नाही. ज्या देशात सामाजिक आणि आर्थिक गुलामी असते तेथे राष्ट्रवाद निर्माण होऊ शकत नाही. शिक्षणाची दारे सर्वांसाठी खुली झाली पाहिजे. यावर अधिक भर होता.
शिक्षण प्रणालीत आमूलाग्र बदल - म. फुले यांच्या मते आजची शिक्षण पद्धती ही बहुजन समाजाला शिक्षणपासून वंचित करणारी होती. तेव्हा शिक्षणप्रणाली बदलली पाहिजे यावर अधिक भर दिला गेला. केवळ कारकून वर्ग तयार करणा-या वर्गाची निर्मिती शिक्षणातून होऊ नये, तर मानवी जीवन जगण्यास सक्षम बनवणारे, उदद्योगी, जीवनोपयोगी शिक्षण देण्यात यावे.
त्रिभाषा सूत्राचा अवलंब - (१९६४-६६) च्या कोठारी आयोगाने त्रिभाषा सूत्रास जरी आजच्या कालावधीत मान्यता दिलेली असली तरी या अगोदर ७७ वर्षांपूर्वी म. फुले यांनी त्रिभाषा सूत्राचा अवलंब शिक्षणात करावा यावर भर दिला होता. शिष्यवृत्ती व वसतिगृहाची सुविधा - जनसामान्यामध्ये शिक्षणाचा प्रसार व्हावा ह्यासाठी खेड्यापाड्यातील जनतेला शिक्षण घेता यावे म्हणून वसतिगृहाची व्यवस्था करण्याची कल्पना म. फुले यांनी मांडली आणि गरीब, होतकरू मुलांसाठी शिष्यवृत्ती व वसतिगृहाची सुविधा देण्यावर भर दिला.
शिक्षणाविषयक ज्ञान व विचार - शिक्षण हा तिसरा डोळाच मानले जाते आणि त्यामुळेच म. फुले यांनी शिक्षणावर अधिक प्रकाश टाकला आहे आणि शिक्षण कोणत्याही एका व्यक्तीची मक्तेदारी न बनता, सर्वांना शिक्षण मिळावे, शिक्षणाचा प्रसार होऊन, ज्ञान व विचारांची वृद्धी व्हावी यासाठी म. फुलेंनी योगदान दिले. म. फुले यांनी सत्यशोधक समाजाची स्थापना करून स्त्रियांसाठी तसेच मागासलेल्या अनाथाच्या शिक्षणासाठी सुविधा उपलब्ध करून दिल्या. तसेच बालगृहाची स्थापना देखील केली. अशाप्रकारे म. फुले यांनी समाज परिवर्तनाचे कार्य करताना स्वत:च्या घरदाराचाही विचार न करता काम केले आणि म्हणून आज आपला समाज मानाने सर्व प्रकारचे शिक्षण घेत आहे. अशा शिक्षणतज्ज्ञाला, शिक्षणमहर्षीच्या कार्याला कोटी-कोटी वंदन

शनिवार, २ सप्टेंबर, २०१७

ए पी जे अब्दुल कलाम यांचे विचार

माजी राष्ट्रपती ए पी जे अब्दुल कलाम यांची भाषणे नेहमीच प्रेरणादायी असत. त्यांच्या भाषणातील अनेक विचार चांगलेच लोकप्रिय झाले होते. यापैकी काही निवडक विचार

* आपण झोपेत पाहतो ते खरं स्वप्न नसतं, तर आपली झोप उडवतं ते खरं स्वप्न असतं.

*देशात सर्वाधिक बुद्धिमत्ता असलेल्या व्यक्ती शक्यतो वर्गातील शेवटच्या बाकावरचं सापडतात.

* तुमच्या पहिल्या विजयानंतर विश्रांती घेऊ नका. कारण, दुसऱ्या प्रयत्नात तुम्ही अयशस्वी झालात तर तुमचा पहिला विजय केवळ नशीबाचा भाग होता, असे म्हणायला अनेकजण सज्ज असतात.

* जेव्हा पाऊस सुरू होतो तेव्हा सर्व पक्षी घरट्यात आसरा घेतात. मात्र, गरूड पावसापासून बचाव करण्यासाठी ढगांवरून उडतो.

* यशाबद्दलची माझी निष्ठा कणखर असेल तर मला अपयशामुळे कधीच नैराश्य येणार नाही.

* यशाचा आनंद अनुभवण्यासाठी व्यक्तीला आयुष्यात अडचणींची सामना करणे आवश्यक असते.

* स्वप्न खरी होण्यासाठी स्वप्नं पाहणं गरजेचं आहे.

* एखाद्याचा पराभव करणे फार सोपे असते. मात्र, एखाद्याला जिंकणे खूपचं अवघड असते.

* आपण आपल्या वर्तमानातील गोष्टींचा त्याग करून जेणेकरून आपल्या मुलांचं भविष्य उत्तम होईल.
संबंधित बातम्या

    शाळांमध्ये १५ ऑक्टोबरला वाचनाचा ‘आनंदोत्सव’
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    शोकाकुल वातावरणात अब्दुल कलाम यांना अखेरचा निरोप
    कलामांचे ट्विटर अकाऊंट सुरूच राहणार

*  स्वप्ने पहा, त्या दिशेने विचार करा व ती कृतीने सत्यात उतरवा.

*  संकुचित ध्येय बाळगू नका. महान विचारदृष्टी समोर ठेऊन परिश्रम केले तर आपला देश निश्चितपणे एक विकसित राष्ट्र बनेल.

*  य़शस्वी कथा वाचू नका, त्यांनी केवळ संदेश मिळतो. अपयशाच्या कथा वाचा, त्याने यशस्वी होण्यासाठी कल्पना मिळतात.
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ऐ पी जे अब्दुल कलाम के अनमोल विचार
Quote 1: Climbing to the top demands strength, whether it is to the top of Mount Everest or to the top of your career.
In Hindi : शिखर तक पहुँचने के लिए ताकत चाहिए होती है, चाहे वो माउन्ट एवरेस्ट का शिखर हो या आपके पेशे का.
अब्दुल कलाम  Abdul Kalam
Quote 2:Do we not realize that self respect comes with self reliance?
In Hindi : क्या हम यह नहीं जानते कि आत्म सम्मान आत्म निर्भरता के साथ आता है ?
अब्दुल कलाम  Abdul Kalam
Quote 3: Be more dedicated to making solid achievements than in running after swift but synthetic happiness.
In Hindi : कृत्रिम सुख की बजाये ठोस उपलब्धियों के पीछे समर्पित रहिये.
अब्दुल कलाम  Abdul Kalam
Quote 4: English is necessary as at present original works of science are in English. I believe that in two decades times original works of science will start coming out in our languages. Then we can move over like the Japanese.
In Hindi : अंग्रेजी आवश्यक है क्योंकि वर्तमान में विज्ञान के मूल काम अंग्रेजी में हैं. मेरा विश्वास है कि अगले दो दशक में विज्ञान के मूल काम हमारी भाषाओँ में आने शुरू हो जायेंगे, तब हम जापानियों की तरह आगे बढ़ सकेंगे.
अब्दुल कलाम  Abdul Kalam
Quote 5:God, our Creator, has stored within our minds and personalities, great potential strength and ability. Prayer helps us tap and develop these powers.
In Hindi : भगवान, हमारे निर्माता ने हमारे मष्तिष्क और व्यक्तित्व में  असीमित शक्तियां और क्षमताएं दी हैं. इश्वर की प्रार्थना हमें इन शक्तियों को विकसित करने में मदद करती है.
अब्दुल कलाम  Abdul Kalam
Quote 6: I was willing to accept what I couldn’t change.
In Hindi : मैं हमेशा इस बात को स्वीकार करने के लिए तैयार था कि मैं कुछ चीजें नहीं बदल सकता.
अब्दुल कलाम  Abdul Kalam
Quote 7: Great dreams of great dreamers are always transcended.
In Hindi : महान सपने देखने वालों के महान सपने हमेशा पूरे होते हैं.
अब्दुल कलाम  Abdul Kalam
Quote 8: If a country is to be corruption free and become a nation of beautiful minds, I strongly feel there are three key societal members who can make a difference. They are the father, the mother and the teacher.
In Hindi : अगर किसी देश को भ्रष्टाचार – मुक्त और सुन्दर-मन वाले लोगों का देश बनाना है तो , मेरा दृढ़तापूर्वक  मानना  है कि समाज के तीन प्रमुख सदस्य ये कर सकते हैं. पिता, माता और गुरु.
अब्दुल कलाम  Abdul Kalam
Quote 9:If we are not free, no one will respect us.
In Hindi : यदि हम स्वतंत्र नहीं हैं तो कोई भी हमारा आदर नहीं करेगा.
अब्दुल कलाम  Abdul Kalam
Quote 10: In India we only read about death, sickness, terrorism, crime.
In Hindi : भारत में हम बस मौत, बीमारी , आतंकवाद और अपराध के बारे में पढ़ते हैं.
अब्दुल कलाम  Abdul Kalam
Quote 11: Let us sacrifice our today so that our children can have a better tomorrow.
In Hindi : आइये हम अपने आज का बलिदान कर दें ताकि हमारे बच्चों का कल बेहतर हो सके.
अब्दुल कलाम  Abdul Kalam
Quote 12: Look at the sky. We are not alone. The whole universe is friendly to us and conspires only to give the best to those who dream and work.
In Hindi :आकाश की तरफ देखिये. हम अकेले नहीं हैं. सारा ब्रह्माण्ड हमारे लिए अनुकूल है और जो सपने देखते हैं और मेहनत करते हैं उन्हें प्रतिफल देने की साजिश करता है.
अब्दुल कलाम  Abdul Kalam
Quote 13: Man needs his difficulties because they are necessary to enjoy success.
In Hindi : इंसान को कठिनाइयों की आवश्यकता होती है, क्योंकि सफलता का आनंद उठाने कि लिए ये ज़रूरी हैं.
अब्दुल कलाम  Abdul Kalam
Quote 14 : No religion has mandated killing others as a requirement for its sustenance or promotion.
In Hindi : किसी भी धर्म में किसी धर्म को बनाए रखने और बढाने के लिए दूसरों को मारना नहीं बताया गया.
अब्दुल कलाम  Abdul Kalam
Quote 15: Tell me, why is the media here so negative? Why are we in India so embarrassed to recognise our own strengths, our achievements? We are such a great nation. We have so many amazing success stories but we refuse to acknowledge them. Why?
In Hindi : मुझे बताइए , यहाँ का मीडिया इतना नकारात्मक क्यों है? भारत में हम अपनी अच्छाइयों, अपनी उपलब्धियों को दर्शाने में इतना शर्मिंदा क्यों होते हैं? हम एक माहान राष्ट्र हैं. हमारे पास ढेरों सफलता की गाथाएँ हैं, लेकिन हम उन्हें नहीं स्वीकारते. क्यों?
अब्दुल कलाम  Abdul Kalam
Quote 16: To succeed in your mission, you must have single-minded devotion to your goal.
In Hindi :अपने मिशन में कामयाब होने के लिए , आपको अपने लक्ष्य के प्रति एकचित्त निष्ठावान होना पड़ेगा.
अब्दुल कलाम  Abdul Kalam
Quote 17: You have to dream before your dreams can come true.
In Hindi :  इससे पहले कि सपने सच हों आपको सपने देखने होंगे .
अब्दुल कलाम  Abdul Kalam
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शुक्रवार, १ सप्टेंबर, २०१७

Anna Hazare ke quotes

Anna Hazare.

Name

Kisan Babu Rao Hazare / किसन बाबुराव हजारे
Born

15 June 1937 (age 74)
Bhingar, Bombay Province, British India
Nationality

Indian
Field

Social Work
Achievement

A well-known social activist known for fighting for various noble causes.Indian anti-corruption movement – (Lokpal Bill),Watershed development programmes,Right to Information, Padma Shri (1990),Padma Bhushan (1992)
अन्ना हजारे के अनमोल विचार
Quote 1: Lakhs of people sacrificed their lives for freedom but due to selfishness of some people we have not got the right freedom.
In Hindi: स्वतंत्रता  के  लिए  लाखों  लोगों  ने  अपना  जीवन  बलिदान  कर  दिया  लेकिन  कुछ  स्वार्थी  लोगों  के  कारण हमें सही  स्वतंत्रता  नहीं  मिली .
 Anna Hazare अन्ना हजारे
Quote 2: I want to tell the youth of this country that this fight should not be stopped with Lokpal alone. We have to fight for removing the faults of the present electoral reforms. Because of the fault in electoral system, 150 criminals have reached Parliament.
In Hindi: मैं  इस  देश  के  युवाओं  से  कहना  चाहता  हूँ  कि  यह  लड़ाई  लोकपाल  के  साथ  ख़तम  नही  होनी  चाहिए . हमें   मौजूदा  चुनावी  सुधारों  में  मौजूद  खामियों  को  दूर  करने  के  लिए  लड़ना  है .  क्योंकि  चुनाव  प्रणाली  में  दोष  के  कारण  150 अपराधी  संसद  तक  पहुच  चुके  हैं .
 Anna Hazare अन्ना हजारे
Quote 3: Yesterday my Blood Pressure was down, but today it is back in control because the strength of the nation is behind me.
In Hindi: कल  मेरा  रक्त  चाप  कम  था  , लेकिन  आज   यह  फिर  से  नियंत्रण  में  है  क्योंकि  देश  की  ताकत  मेरे  पीछे  है .
 Anna Hazare अन्ना हजारे
Quote 4:  This government doesn’t have the will to setup an effective Lokpal.
In Hindi: इस  सरकार  में  एक  प्रभावी  लोकपाल  लाने की  इच्छा  नहीं  है .
 Anna Hazare अन्ना हजारे
Quote 5: After Lokpal, we will also have to fight for farmers’ rights, bring a law that ensures permission of gram sabhas before land acquisition.
In Hindi: लोकपाल  के  बाद , हमें  किसानो  के  अधिकार  के  लिए  लड़ना  होगा , एक  ऐसा  क़ानून  लाना  होगा  जो  सुनिश्चित  करे  कि भूमि   अधिग्रहण  से  पहले  ग्राम  सभाओं  की  अनुमति  लेना  अनिवार्य  होगा .
 Anna Hazare अन्ना हजारे
Quote 6:  The same loot, same corruption, same rowdyism still exists.
In Hindi: वही  लूट , वही  भ्रष्टाचार  , वही  उपद्रवता  अभी  भी  मौजूद  है .
 Anna Hazare अन्ना हजारे
Quote 7: I Request the people of my country to continue this kranti. People should continue to fight even if I am not there.
In Hindi: मैं  इस  देश  के  लोगों  से  अनुरोध  करता  हूँ  कि  इस  क्रांति  को  जारी  रखें  . मैं  ना  हूँ  तो  भी  लोगों  को  संघर्ष  जारी  रखना  चाहिए .
 Anna Hazare अन्ना हजारे
Quote 8:  I have lost 5 and a half kg, nothing big, I am fine.
In Hindi: मेरा वज़न साढ़े पांच  किलो कम हुआ   है , कुछ  ज्यादा  नही , मैं  ठीक  हूँ .
 Anna Hazare अन्ना हजारे
Quote 9:  I am worried what will happen to a country that is governed by some who are insensitive. But we can change them by Jan Shakti.
In Hindi: मैं  चिंतित  हूँ  कि  कुछ  असंवेदनशील  लोगों  द्वारा  शाशित  इस  देश   का  क्या  होगा . लेकिन  हम  उन्हें  जनशक्ति  द्वारा  बदल  सकते  हैं .
 Anna Hazare अन्ना हजारे
Quote 10:  The government’s money is the people’s money. Make effective policies for the benefit of the people.
In Hindi: सरकार  का  पैसा  लोगो  का  पैसा  है . लोगों  के  भले  के  लिए  प्रभावी  नीतियां  बनाएं .
 Anna Hazare अन्ना हजारे
Quote 11: We are ready to talk to the government but there is no communication from their side. Where should we go to talk and whom should we talk to.
In Hindi: हम  सरकार  के  साथ  काम  करने  को  तैयार  हैं  लेकिन  उनकी  तरफ  से  कोई  संवाद  नहीं  है .हम  बात  करने  कहाँ  जाएं  और  हम  किससे  बात  करें ?
 Anna Hazare अन्ना हजारे
Quote 12:  Is this democracy? All have come together to make money.I would consider myself lucky if I die for my society, the people of my country.
In Hindi:  क्या यह लोकतंत्र  है ?सभी एक साथ पैसा बनाने आये हैं.मैं खुद को सौभाग्यशाली समझूंगा अगर मैं अपने समाज , अपने देशवाशियों  के लिए मरता हूँ.
 Anna Hazare अन्ना हजारे
Quote 13:  My demands will not change. You can cut off my head but not force me to bow down.
In Hindi: मेरी  मांगें  बदलेंगी  नहीं  . आप  मेरा  सर  काट  सकते  हैं  लेकिन  मुझे सर  झुकाने  के  लिए  मजबूर  नहीं  कर  सकते .
 Anna Hazare अन्ना हजारे
Quote 14:  Those who live for themselves die, those who die for the society live.
In Hindi: जो  अपने  लिए  जीते  हैं  वो  मर  जाते  हैं , जो  समाज  के  लिए  मरते  हैं  वो  जिंदा रहते  हैं .
 Anna Hazare अन्ना हजारे
Quote 15:  The country did not get actual freedom even after 64 years of independence and the only change was that the whites have been replaced by the blacks. (MensXP.com)
In Hindi: देश  को  वास्तविक  स्वतंत्रता आज़ादी  के  64 साल  बाद  भी  नहीं  मिली  और  केवल  एक  बदलाव  आया  गोरों  की  जगह  काले  आ   गए .
 Anna Hazare अन्ना हजारे
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